Home

ताजा खबरें​

अंकिता भंडारी हत्याकांड केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि उत्तराखंड की प्रशासनिक, सामाजिक और राजनीतिक व्यवस्था की गहन परीक्षा है। यह मामला शुरू से ही संदिग्ध परिस्थितियों, अधूरी जांच और दबाव के आरोपों से घिरा रहा है। दोषियों को सजा मिल चुकी है, लेकिन जांच की दिशा और दायरा आज भी सवालों के घेरे में है। यह रिपोर्ट पूरे घटनाक्रम को तथ्यों और सवालों के साथ सामने रखती है।

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की स्नातक स्तरीय परीक्षा एक बार फिर पेपर लीक विवाद में फंस गई है। रविवार को आयोजित परीक्षा शुरू होने के महज 35 मिनट बाद ही प्रश्नपत्र के तीन पन्ने सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। जांच में पता चला कि पेपर का केवल एक सेट हरिद्वार के एक परीक्षा केंद्र से बाहर गया था और यह सीधे अभ्यर्थी खालिद मलिक से जुड़ा था। खालिद की बहन और सहायक प्रोफेसर सुमन के माध्यम से प्रश्नों के उत्तर जुटाने की कोशिश की गई।

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 राज्य की राजनीति के लिए ऐतिहासिक मोड़ साबित हो सकते हैं। दूसरा चरण चुनाव, जिसकी वोटिंग 11 नवंबर को 20 जिलों की 122 विधानसभा सीटों पर होनी है, पर पूरे बिहार ही नहीं, बल्कि पूरे देश की नजर है। तीन करोड़ सत्तर लाख से अधिक मतदाता अब तय करेंगे कि राज्य की कमान एनडीए के पास रहेगी या महागठबंधन उसे छीन लेगा।

शीघ्र संपर्क

और भी

उपयोगी लिंक

और भी

वीडियो

और भी

गंगा कहां से निकलती है? !

धराली से रेस्क्यू हुए लोगों की आंखों-देखी |

चार धाम यात्रा 2025

AI से पढ़ो - 10 घंटे की पढ़ाई 3 घंटे में !

मादक पेय पदार्थों की काली सच्चाई