
उत्तराखंड का पारंपरिक खानपान एकदम सादगी, पौष्टिकता और स्वास्थ्य का अनूठा मिश्रण है। यहाँ के स्थानीय अनाज, दाल–सब्ज़ियाँ और जड़ी‑बूटियाँ ठंडे पहाड़ी मौसम से निपटने में मदद करती हैं और साथ ही कई आधुनिक बीमारियों (जैसे मोटापा, मधुमेह, ह्रदय रोग) के खिलाफ सुरक्षा भी प्रदान करती हैं।
प्रमुख व्यंजन & उनके स्वास्थ्य वर्धक लाभ:
1. काफुली / कपा
पालक और मेथी से बना- हुआ मोटा साग, लौह तत्व, विटामिन A, C एवं K से भरपूर। यह पाचन सुधारता है और सर्दियों में विशेष रूप से पौष्टिक करता है।
2. फानू
मिश्रित दाल (गौहत, मूंग, अरहर आदि) की क्रीमयुक्त डिश, प्रोटीन से भरपूर, खासकर कुमाऊँ क्षेत्र में लोकप्रिय ।
3. चैनसू/चुड़कानी/भट्ट दाल
काले भट या उड़द की दाल को रोस्ट कर बनाए गए ये व्यंजन आयरन और प्रोटीन में उच्च होते हैं. ठंड में ऊर्जावर्धन के लिए बेहतरीन।
4. बाडी
बकव्हीट (टट्टी) का हल्का-सा उपमा जैसा व्यंजन, ग्लूटेन रहित और जल्दी बनता है। इसे गट्टे या फानू (दाल से) के साथ खाया जाता है।
5. कंडाली का साग
जहरीला घास का साग जिसे उबालकर पकाते हैं, विटामिनस एवं मिनरल्स में समृद्ध होता है।
6. झंगोरे की खीर
बर्नयार्ड मील्लेट की खीर, पोषक तत्वों से भरी, बच्चों व बड़ों सबके लिए बेहतर।
7. भांग की चटनी
रोस्टेड भांग (हेम्प) बीज से बनी चटनी, पाचन में सहायक व ताजगी देती है।
8. लाल चावल
स्थानीय लाल चावल, फाइबर, विटामिन B1, E व एंटीऑक्सीडेंट्स में समृद्ध – कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित और पाचन के लिए अच्छा।
9. सिंगोरी
खोया-आधारित मिठाई जिसे मौली (मालू) पत्तों में लपेटा जाता है, स्वाद और ऊर्जा दोनों के लिए उपयुक्त।
10. काफल (जंगली बेरी)
जंगली लाल फल ‘काफल’ विटामिन, मिनरल्स, एंटीऑक्सिडेंट्स से युक्त, अस्थमा, एनीमिया, कोलेस्ट्रॉल, गले की बीमारियों में फायदेमंद माना जाता है।
क्यों करें ये फायदेमंद?:
| लाभ | कारण |
|---|---|
| ऊर्जा & पाचन सुधार | स्थानीय अनाज (मंडुवा, झंगोरा) में फाइबर, विटामिन, खनिज |
| दीर्घकालिक स्वास्थ्य | जैविक यौगिक (bioactives) मधुमेह, हृदय रोग, मोटापे में सुरक्षा प्रदान करते हैं |
| स्थानीय और सस्ता | पहाड़ी कृषि से सीधे मिलती है, ताजगी और पारंपरिक उचित कीमत पर उपलब्ध |
सुझाव:
- स्वस्थ जीवनशैली के लिए साप्ताहिक रूप से इन व्यंजनों को शामिल करें।
- घर में बने बटारे (दही) के साथ खाएँ: यह प्रोबायोटिक लाभ भी देता है।
- ठंड में भारी गीही तैयारी (जैसे बाड़ी, फानू) ऊर्जा और गर्माहट बढ़ाते हैं, जबकि गर्मियों में हल्के साग (काफली, जौ की खीर) उपयुक्त हैं।